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Reflection Of Life Solo Exhibition Of Paintings By Arjun Dhaku Machivale At Jahangir Art Gallery

Reflection Of Life Solo Exhibition Of Paintings By Arjun Dhaku Machivale At Jahangir Art Gallery
मुम्बई: फोर्ट स्थित जहांगीर आर्ट गैलरी में सोमवार को चित्रकार अर्जुन मचीवले द्वारा बनाई गई सोलो पेंटिंग एक्सहिबिशन का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर सम्पन्न हुआ, इस अवसर पर शिक्षक व चित्राकार अर्जुन मचीवले, अरुण पवार, दीपक गोनबरे,हीरामणि पाटिल, सीमा लाड़, अरविंद सावंत, सतीश खोत, हेमंत पंडया, अविनाश मोकासे, दिनेश गुप्ता, महादेव,आनंद, व तमाम कला प्रेमी और शिक्षक मौजूद रहे, आपको बता दे कि कोंकण और रत्नागिरी का छेत्र कला और आम के लिए प्रसिद्ध है, यहाँ की कला और संस्कृति पूरे ।महाराष्ट्र में मशहूर है, गौरतलब हो कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण इलाकों में  अभूतपूर्व परिवर्तन देखनेको मिला है, बढ़ती हुई शहरीकरण और एवम व्यसाइकरण में,सांस्कृतिक परंपरा आर्थिक ढांचा कमजोर पड़ गया है, ऐसे में अर्जुन मचीवले ने अपने चित्रकला के माध्यम से गांव की सौंधी मिट्टी की खुशबू ,तालाब, नाला, को अपने पेंटिंग द्वारा लोगो के सामने परोसा है, जो लोंगो को काफी पसंद आ रहा है, वही अर्जुन मचीवले मीडिया को संबोधित करते हुये कहा कि कभी ये मेरा सपना हुआ करता था कि जहांगीर आर्ट गैलरी में मेरा पाई पेंटिंग लगे आज वो सपना साकार हो गया और क्या कहा सुन लीजिए...
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Chhattisgarh – A Numismatic History Teaser and Poster of Movie Released

छत्तीसगढ़: :- ए न्यूमिस्मैटिक हिस्टोरी का पोस्टर व् टीज़र जारी फिल्म में देखिये छत्तीसगढ़ के सिक्कों की ऐतिहासिक विरासत 30 अगस्त 2018 को प्रेस क्लब रायपुर में आयोजितएक प्रेस कॉन्फरेंस में फिल्म छत्तीसगढ़:-ए न्यूमिस्मैटिक हिस्टोरी’ का पोस्टर व् टीज़र जारी किया गया! इस फिल्म की शूटिंग जून माह में रायपुर में ही की गयी थी जिसमे डॉ० भानु प्रताप सिंह के संग्रह में से छत्तीसगढ़ के स्थानीय राजाओं द्वारा जारी किये गए सिक्कों पर यह फिल्म बनायीं गयी है! इस अवसर पर फिल्म से सम्बंधित सभी लोग उपस्थित थे जिसमे प्रोडूसर आदित्य प्रताप सिंह, डायरेक्टर व् लेखक डॉ० भानु प्रताप सिंह व् अभिनेत्री अस्मिता अरोरा थीं!   आदित्य प्रताप सिंह एंटरटेनमेन्ट्स के बैनर तले बनी यह फिल्म:- ‘छत्तीसगढ़:-ए न्यूमिस्मैटिक हिस्टोरी’ आदित्य प्रताप सिंह एंटरटेनमेन्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनायीं गयी है! जिनमे आदित्य प्रताप सिंह व् डॉ० भानु प्रताप सिंह डायरेक्टर है! इस बैनर के अंतर्गत पिता-पुत्र की यह जोड़ी मंटोस्तान, ए मैन बोर्न फॉर न्यूमिस्मैटिक्स और ए हिस्टोरिकल डिस्कवरी ऑफ़ साउथ कोसला बना चुके हैं! और उनकी एक महत्वपूर्ण फिल्म गाँधी मेमोरैबिलिया भी प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है तथा उसका टीज़र जारी हो चुका है, यह फिल्म माह अक्तूबर में रिलीज़ होगी ! आदित्य प्रताप सिंह पेशे से इंजिनियर हैं और भारत पाक विभाजन मशहूर उर्दू लेखक सादत हसन मंटो की कहानियों पर आधारित अपनी पहली फिल्म ‘मंटोस्तान’ से अपनी पहचान बना चुके हैं! ज्ञातव्य है कि पिता-पुत्र की यह जोड़ी पूर्व में भी मंटोस्तान, द स्ट्रोंग फैथ व् अन्य फीचर व् लघु फिल्म बना चुकी है जिसे फ़िल्मी दुनिया व् दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला है! सातवीं सदी ईसा पूर्व से शुरू होगी कहानी:- प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए फिल्म के डायरेक्टर व् लेखक डॉ० भानु प्रताप सिंह ने बताया वे बचपन से ही सिक्के जमा करते हैं! और छत्तीसगढ़ का निवासी होने के कारण उनका विशेष ध्यान छत्तीसगढ़, प्राचीन दक्षिण कोसल के सिक्कों पर रहा है! उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सिक्कों का इतिहास दुनिया के किसी भी प्राचीनतम सभ्यताओं के सिक्कों जितना ही समृद्ध है! डॉ० सिंह ने छत्तीसगढ़ के सिक्कों पर पी० एच० डी० व् डी० लिट् किया है ! उन्होंने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ के सिक्कों में दुनिया के अन्य सिक्कों से अलग कुछ विशेषताएं हैं, जैसे मौर्यन पंचमार्ग सिक्कों में ब्राह्मी ‘म’ का अंकन, सिरुर व् बस्तर के विचित्र रिपौजी सिक्के आदि! कलुचारी सिक्कों में विभिन्न प्रतीकों का उपयोग जैसे गज़ाभिषेकित लक्ष्मी, हाथी पर आक्रमण करता हुआ सिंह, हनुमान आदि! डॉ० सिंह ने आगे बताया यह फिल्म वृत्त चित्र न होकर अन्य फिल्मो से अलग, छत्तीसगढ़ के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व् मुद्रा विधा के इतिहास पर आधारित है! इस फिल्म में छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व् प्राचीन व् ऐतिहासिक स्थलों को उनके सांस्कृतिक और मुद्रा सम्बन्धी इतिहास के साथ फिल्मांकित किया गया है ! यह फिल्म छत्तीसगढ़ के उन राजवंशो, राजाओं पर भी रौशनी डालती है, जिन्होंने इस क्षेत्र में सातवी सदी ईसा पूर्व से राज्य किया था ! डॉक्टर से फिल्म निर्माता बने डॉ० भानु प्रताप सिंह डॉ० भानु प्रताप सिंह पेशे से डॉक्टर हैं ! और रायपुर में अम्बेडकर हॉस्पिटल में क्षय रोग विभाग में कार्यरत हैं! सिक्कों के संग्रह के शौक के चलते उन्होंने प्राचीन भारतीय इतिहास में एम० ए० किया पश्चात् सिक्कों से सम्बंधित चार विषयों पर पी० एच० व् डी० लिट् किया ! उनके दो शोध प्रबंध और एक डी० लिट् दक्षिण कोसल (प्राचीन छत्तीसगढ़) के सिक्कों पर है! उनके सग्रह में सातवी सदी ईसा पूर्व से लेकर 17वीं सदी तक के दक्षिण कोसल के स्थानीय शासकों द्वारा जारी सिक्कों का विशाल संग्रह है ! साथ ही दक्षिण कोसल के स्थानीय शासकों द्वारा जारी सिक्कों पर कई लेख व् किताबें लिखी हैं ! आदित्य को भी है सिक्का संग्रह का शौक फिल्म के निर्माता आदित्य प्रताप सिंह...
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Shivam Roy Prabhakar Says All About His Experience In Bollywood

Shivam Roy Prabhakar Says All About His Experience In Bollywood
लोग तो कहते हैं, उन्हें कहने दो: एक्टर शिवम् रॉय प्रभाकर आज कल सिनेमा, कुछ और कहें तो बॉलीवुड सबके सिर पर सवार रहता है, अधिकतम युवा एक्टर बनने के सपने देखते है। शाहरुख़ खान से लेकर अमिताभ बच्चन, सलमान खान से लेकर अक्षय कुमार, सब की एक अपनी संघर्ष की कहानी है। अगर हम आपसे कहें कि कुछ युवा अभी वर्तमान में भी ऐसे हैं जो इतिहास लिखने वाले हैं, तो क्या आप यकीन करेंगे? आज ऐसे ही एक शख्श को हमने आमंत्रित किया अपने स्टूडियो पर एक इंटरव्यू के लिए, जिनका नाम है- शिवम् रॉय प्रभाकर।आपको बताते चलें कि शिवम् रॉय प्रभाकर को बॉलीवुड से जुड़े हुए मात्र 2 वर्ष हुए हैं जिसमे वह कई बड़े फिल्मो के प्रमोशन के लिए काम कर चुके हैं और एक फिल्म में बतौर अभिनेता उन्होंने अभिनय भी किया है। इस मुलाकात से हमने उनसे कुछ प्रश्न किये जिसके जवाब उन्होंने कुछ इस प्रकार दिए- प्रश्न:शिवम् जी, नमस्कार! सबसे पहले आपका हमारे स्टूडियो में बहुत स्वागत! हम पहला सवाल करें उससे पहले हम जानना चाहेगे कि आप कहाँ के रहने वाले हैं और आपका पारिवारिक बैकग्राउंड क्या है ? शिवम् रॉय प्रभाकर: नमस्कार, बहुत शुक्रिया आपका! जी मैं बेसिकली उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज का रहने वाला हूँ। मेरा परिवार एक शिक्षित परिवार रहा है, मेरे दादा जी एक रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं और पिताजी हिंदी अध्यापक हैं! इस प्रकार हमारा परिवार शिक्षा से जुड़ा रहा है। प्रश्न:शिक्षा से याद आया, इंटरव्यू रखने से पहले हमने आपके बारे में बहुत कुछ जानने की कोशिश की थी, जिसमे हमें पता चला था कि आपने 10th स्टैण्डर्ड आपने में 95% मार्क्स प्राप्त किये थे, क्या यह सच है? और यदि हाँ, तो फिर आपने बॉलीवुड में करियर क्यों चुना? शिवम् रॉय प्रभाकर: हाहा.. ये जहाँ से भी सुना है आपने, बिलकुल सही सुना है, लेकिन 95% नहीं मेरे 94.33% मार्क्स आये थे, और मेरा डिस्ट्रिक्ट में पहला स्थान था, इसके लिए मुझे हमारे मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव जी ने पुरुष्कृत भी किया था।और देखिये जहाँ तक बात बॉलीवुड की है तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि एक्टिंग मेरा पैशन है, और एक्टिंग करने में मुझे ख़ुशी मिलती है, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि बॉलीवुड में किस लेवल तक पहुंचूगा लेकिंग में यहाँ खुश रहूँगा। प्रश्न: आपने अब तक क्या क्या काम किया? शिवम् रॉय प्रभाकर: मैंने अभी तक अभिनय सिर्फ एक ही फिल्म में किया जिसका नाम है- ‘देसी रेसलर: द पॉवर ऑफ़ बुल’ जिसका निर्माण प्रोडूसर एवं अभिनेता भूपेंद्र सिंह जी ने किया है,  फिल्म उत्तर प्रदेश के पहलवानों की पृष्ठभूमि आर आधारित फिल्म है। इसके साथ ही मैं कई और बड़ी फिल्मो के साथ जुड़ा जरुर रहा हूँ, चाहे वो धर्मेन्द्र जी की अभी हाल ही में आई पंजाबी फिल्म “जोरा 10 नम्बरिया” हो या नसीरुद्दीन शाह जी की फिल्म “चार्ली के चक्कर में” हो। प्रश्न:क्या आपकी कोई आने वाली फिल्म है जिसमे आपने अभिनय किया हो? शिवम् रॉय प्रभाकर: जी हाँ! एक फिल्म आने वाली है जिसकी अभी शूटिंग चल रही है, जिसका नाम है- कराटे कवच! और इसके साथ ही एक शोर्ट फिल्म भी है जिसका नाम ‘फॉलो रिक्वेस्ट’ है। प्रश्न: शिवम् जी, इन 2 सालों में जो भी कुछ आपने मुंबई से सीखा, क्या वो आप उन युवाओं के साथ शेयर करना चाहेगे जो मुंबई जाकर अपनी शुरुआत करना चाहते हैं? शिवम् रॉय प्रभाकर: अरे आप मुझे शर्मिंदा कर रहे हैं.. हाहा ! मैं अभी इतना बड़ा एक्टर नहीं कि कोई एक्सपीरियंस शेयर करूँ। लेकिन फिर भी एक बात मैं जरुर कहना चाहूँगा जिसका जिक्र आपने बिलकुल भी नहीं किया। अगर आपको वाकई में कुछ करना है तो सिर्फ अपने मन की बात मानिये। समाज क्या कहता है, इस बात की फ़िक्र बिलकुल भी मत कीजिये क्योंकि अगर आपने...
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Namit Tiwari’s Film Nathaniya Pe Goli Mare2 Released on 26 Jan 2018 In Mumbai

नमित तिवारी की फिल्म नथुनिये पे गोली मारे 2’ दिव्यत शक्ति इंटरटेंमेंट और मरूती फिल्म्गस इंटरटेंमेंट के बैनर तले बनी फिल्मे‘नथुनिये पे गोली मारे 2’ गणतंत्र दिवस पर मुंबई में रिलीज होगी। इसको लेकर फिल्मम के अभिनेता नमित तिवारी काफी उत्साबहित हैं और कहते हैं कि फिल्मई की कहानी लाजवाब है, क्योंअकि इसकी कहानी में एक सच्चााई है। या यूं कहें तो फिल्मप बिहार में हुए पुलिस भर्ती घोटाले पर आधारित है। इसमें मेरा किरदार एक ऐसे ही एक युवक की है, जो देश की सेवा के लिए पुलिस में भर्ती होने का ख्वा ब पालता है। उसके लिए दिनरात मेहनत करता है। मगर उसकी मेहनत पर तब पानी फिर जाता है, पुलिस भर्ती के दौरान घोटाला के वजह से वह सेलेक्टउ नहीं होता है। उसके बाद उसकी लाइफ में जो तूफान आता है, वो काफी इंटरेस्टिंग है। बता दें कि फिल्मन ‘नथुनिये पे गोली मारे 2’ के निर्माता – निर्देशक अजय श्रीवास्तसव हैं और नमित के अपोजिट शिविका दीवान नजर आयेंगी। इसको लेकर नमित कहते हैं कि अजय श्रीवास्त व के साथ काम करने में खूब मजा आता है। उन्होंयने इस फिल्मत में अभिनय भी किया है। शिविका दीवान भी काफी टाइलेंटेड अदाकारा हैं। उनके साथ हमारी केमेस्ट्री लोगों को खूब पसंद आयेगी। म्यूाजिक कंपनी वेब द्वारा जारी इस फिल्मर के ट्रेलर को अब तक लाखों लोगों ने देखा है। फिल्म के गाने भी काफी खूबसूरत हैं और एक्श्न का तो जवाब नहीं। मतलब दर्शकों को इंटरटेंमेंट का फुल डोज मिलेगा। उम्मीसद करते हैं दर्शकों को भी फिल्मश पसंद आयेगी। दरअसल, नमित तिवारी ने अपने फिल्मीउ करियर की शुरूआत पर्दे के पीछे से की। तब वे एसिस्टें ट डायरेक्टोर हुआ करते थे। बतौर एसिस्टेंीट डायरेक्टमर उन्होंुने 12 भोजपुरी, 2 हिंदी और 4 टीवी सिरियल्सट किये। लेकिन साल 2014 में उन्होंकने भोजपुरी पर्दे पर अजय श्रीवास्तकव की ही भोजपुरी फिल्मं ‘तेरे नाम’ से लीड एक्टिर के रूप में डेब्यूत किया। तब इस सुपर हिट फिल्मे में सुपर स्टाशर खेसारीलाल यादव भी थे। फिर 2015 में उनकी फिल्मे आई ‘सुहाग’, जिसमें वे पवन सिंह के साथ नजर आये। इन दोनों फिल्मोंा में वे नोटिस किये गए। और 2016 में वे भोजपुरिया क्वीसन रानी चटर्जी के साथ फिल्मथ ‘घरवाली बाहरवाली’ से भी लोगों का ध्या्न अपनी ओर खींचा। नमित के फिल्मीं सफर के बारे में उनके पर्सनल पीआरओ संजय भूषण पटियाला ने बताया कि नमित को दमदार कैरेक्टीर और इंटरटेनिंग स्क्रिप्ट् पर काम करना अच्छाा लगता है। इसलिए फिल्मर की कहानी और उसमें अपनी भूमिका पर ज्या दा ध्यारन देते हैं। क्योंचकि वे खुद भी एसिस्टेंलट डायरेक्ट र रह चुके हैं, तो उन्हेंे पता होता है कि दर्शकों को क्याइ पसंद आने वाली है, क्या‍ नहीं। नमित के पास ये एक बड़ा एडवाटेंज है। -Sanjay Bhushan Pataialya...
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हंसा – एक संयोग — किन्नरों के जीवन पर एक भावनात्मक फिल्म

चित्रग्रही फिल्म्स के बैनर तले बन रही निर्माता सुरेश शर्मा की हिन्दी फिल्म “हंसा – एक संयोग ” किन्नरों के जीवन पर बनायी जा रही एक भावनात्म  फिल्म है ,जिसके निर्देशक-युगल हैं संतोष कश्यप व धीरज वर्मा कथा-पटकथा-संवाद संतोष कश्यप के हैं तथा संगीत ललित मिश्र का। इस फिल्म का गीत “बद्रीनाथ की दुल्हनियां ” फेम सिंगर देव नेगी ने गाया है। लाईन प्रोड्यूसर उमाकांत राय हैं और कैमरामैन अरविंद.के। इस फिल्म के मुख्य कलाकार हैं — आयुष श्रीवास्तव, मंत्रा पटेल, सयाजी शिंदे, शरत सक्सेना, वैष्णवी मैक्डोनंल्ड,उमाकांत राय, शुद्धा चंद्रन, निर्देशक संतोष कश्यप व् धीरज वर्मा के मुताबिक कुछ कलाकार मार्केट के होंगे  जिनका चयन जारी है।” हंसा…” किन्नरों पर बनायी गयी और फिल्मों की तरह नहीं है। इसमें उनको लैंगिक भेदभाव के नजरिये से नहीं भावनात्मक रूप में मानवीय संवेदनाओं  के दृष्टिकोण से देखने का एक सार्थक प्रयास किया गया है। जबकि प्रचार प्रसार पब्लिश मीडिया(अखिलेश सिंह) की टीम कर रही...
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